स्क्रूड अप स्क्रू ड्राईवर
Aug 28th, 2007 by amit | 3 Comments

अब समीर जी ने स्क्रू ड्राईवर का नुस्खा लिखा और साहब लोगों ने तारीफ़ की कि बहुत वदिया ड्रिंक है तो अपने को मच गई कि चलो अगली बार जब मौका लगा तो ट्राई करके देखेंगे। और अभी कुछ दिन पहले मौका लग गया जब एक मित्र के साथ क्नॉट प्लेस स्थित ‘द होस्ट’(The Host) रेस्तरां में पहुँचे। मित्र का बीयर वगैरह लगाने का प्लान था, अपना ऐसा कोई विचार नहीं था इसलिए अल्कोहल रहित मॉकटेल(mocktail) देख रहा था। अचानक ही निगाह मेनू के कॉकटेल वाले भाग में पड़ी और वहाँ स्क्रूड्राईवर दिखाई दे गई, तो समीर जी की पोस्ट और साहब लोगों द्वारा की गई तारीफ़ ध्यान में आई तो सोचा कि चलो देखा जाए क्या है इसमें, तो मित्र ने अपने लिए हेवर्ड्स 5000 मंगवाई और मैंने स्क्रूड्राईवर।

थोड़ी देर की प्रतीक्षा के बाद हेवर्ड्स 5000 आ गई, लेकिन झाग रहित!! अब नई बोतल खोली और उसमें झाग नहीं, ऐसा तो आजतक किसी बीयर की बोतल में न देखा था, घूँट लगाने पर मित्र को लगा कि कुछ गड़बड़ है। स्टीवर्ड को बुलाया और बोला कि बीयर की खुली हुई बोतल सर्व की गई है, तो उसने बोतल के मुहाने पर उँगली रख उसको बंद कर ज़ोर से दो बार हिलाया, लेकिन झाग का नामोनिशान नहीं, इतनी ज़ोर से हिलाने पर तो झाग ही झाग नज़र आने थे साथ ही बीयर का फव्वारा बाहर निकलना था। ये देख कुछ तो वो हैरान हुआ फिर हमको समझाने लगा कि ज़्यादा ठंडी बीयर में अक्सर झाग नहीं होते, इस पर हमने उसको चैलेन्ज किया कि अपने यहाँ की या कहीं की भी अत्यधिक ठंडी सीलबंद बोतल ले आए और उसमें यदि झाग न हुए तो जो बोले वो मंजूर। मेरे मित्र ने उसको कहा कि जितनी ठंडी वो बोतल उन्होंने हमे दी थी(कोई खास ठंडी नहीं थी) उससे कहीं गुणा अधिक ठंडी बीयर पी हुई थी, इसलिए समझदारी न दिखाए और दूसरी बोतल दे। अब बड़े रेस्तरां का स्टीवर्ड, दोबारा कुछ नहीं बोला और शराफ़त से सीलबंद बोतल ले आया जिसमे झाग बराबर थे!!
खैर, यह तो उनकी घटिया सर्विस की बात, लेकिन बारटेन्डर(bartender) भी उनका घटिया यह साबित हुआ जब मेरी स्क्रूड्राईवर आई। उसमें सिर्फ़ डिब्बा बंद संतरे के जूस का स्वाद था, वोदका वगैरह का तो कोई पता ही नहीं था!! जब मैंने अपने मित्र को बताया(वह वोदका का रसिया है) तो उसने भी चख कर तसदीक की कि बहुत ही कम(नाममात्र) को वोदका डली हुई थी!! अब मन तो किया कि वो ड्रिंक को बारटेन्डर के ऊपर ही फेंक आऊँ, ढाई-तीन सौ की कॉकटेल और पाँच औंस मुश्किल से वोदका उसमें!! यदि डिब्बा बंद संतरे का जूस ही पीना था तो वैसे ही मंगवा लेते, पचास रूपए में आ जाता!!
बाकी क्या खाया-पीया? बस पूछो मत, कुछ खाने का मन ही नहीं हुआ, जो स्नैक्स(snacks) लिए उनकी बात न ही हो तो बेहतर, मानो एक बुरा सपना। तो यह रेस्तरां चढ़ा अपनी ब्लैकलिस्ट में जहाँ दोबारा नहीं जाना।
सर्विस और माल की गुणवत्ता के अनुसार
द होस्ट, क्नॉट प्लेस - 2/10
वैसे इतने अंक भी नहीं मिलने थे, लेकिन वहाँ का माहौल मुझे अच्छा लगा इसलिए यह अंक।
बड़ा दुःख हुआ सुनकर नही पढ़कर।
‘द होस्ट’ ब्लैक लिस्ट में -चलो अच्छा हुआ..हम बिना गये ही जान गये. आभार.
ठीक है कभी नहीं जाएंगे.