दाल सप्तरंगी
May 27th, 2007 by tarun | 8 Comments
साल में कभी कभी हमें भी खानसामा बनने का भूत सवार हो जाता है, और जब हम इस अवस्था में रसोई की तरफ रूख करते हैं तो बेचारी दालें और सब्जियों की शामत आ जाती है। उनको पता चल जाता है कि आज लीक से हटकर चलना होगा यानि कि हमारी रिसर्च से दो चार होना पड़ेगा।
अब ज्यादा बकवास ना कर सीधे आते हैं उस खाने पर जो आज हमने बनाया यानि कि दाल सप्तरंगी। सप्तरंगी नाम हमने इसलिये दिया क्योंकि इसे सात दालों को मिलाकर बनाया जाहिर सी बात है इस वजह से काफी पौष्टिक भी होगी। अब आप हमारी बनायी इस दाल को बनाने की जानकारी नोट कीजिये।
बनाने के लिये सामग्रीः
- 2.5 मुट्ठी राजमा (किडनी बीन)
- 2 मुट्ठी लोबिया
- 2.5 मुट्ठी चने (घोड़े वाले)
- 3 मुट्ठी अरहल की दाल (इसे तोर या त्वोर भी कहते हैं)
- 2 मुट्ठी दले चने की दाल (पीसे चने जो पीले रंग के होते हैं)
- 2 मुट्ठी मल्का (पिंक रंग की जो होती है)
- 2 मुट्ठी मूँग धूली हुई (ये भी पीले रंग की होती है)

- 1.5 सामान्य साईज के प्याज बारीक कटे हुए
- 3-4 चुटकी (या १ चम्मच) जम्बू (ये सिर्फ पहाड़ो में मिलता है, इसलिये ना मिले तो भी चलेगा)
- 2-3 चुटकी (आधा चम्मच) सरसों के दाने, छोटे छोटे बारीक होते हैं
- 3-4 चुटकी (आधा चम्मच) जीरा साबूत
- 3-4 चुटकी धनिया पाउडर
- 2-3 चुटकी गरम मसाला
- 1-2 चुटकी हल्दी पीसी हुई
- 4-5 चुटकी शान का तंदूरी चिकन मसाला (ये अगर नही मिलता है तो आप मीट या छोले मसाला भी उपयोग में ला सकते हैं, शान के इस मसाने में थोड़ा खाने वाला रंग भी डला होता है जो दाल में निखार लाने के लिये उत्तम रहता है।)
- 4-5 चुटकी कसूरी मेथी (सूखी हुई मेथी), इसकी जगह पर आप हरे पत्ते वाला धनिया भी उपयोग में ला सकते हैं

बनाने की विधिः
1. सबसे पहले राजमा, चने और लोबिया को प्रेशर कुकर में डाल उबाल लें (लगभग 4-5 सीटी तक)। साथ में थोड़ा नमक भी डालें।
2. फिर अलग से अरहर, दला चना, मूँग और मल्का को प्रेशर कुकर में डाल 1-2 सीटी तक उबाल लें।
3. अब अलग से एक फ्राईपान में थोड़ा खाना पकाने का तेल (मजोला, कनोला या कोई भी वेजिटेबल ओइल) डाल उसे गरम होने दें फिर उसमें सरसों के दाने, साबूत जीरा और जम्बू डाल के भून लें। रंग बदलने पर उसमें कटा प्याज डाल लें। प्याज के ऊपर थोड़ा नमक छीड़क दें, इससे प्याज थोड़ा क्रिस्पी (कुरकुरा) हो जाता है।
प्याज के हल्का से भूरा होने पर उसमें बाकि के मसाले डाल लें, साथ में स्वाद अनुसार नमक भी। थोडा सा फ्राई हो जाने पर थोडा डाल दाल कर थोडा और फ्राई कर लीजिये।
4. अब बाकि की बची डाल दाल, एक बार फिर प्रेशर कुकर में डालकर 1 सीटी देकर पका लें।
5. पक जाने पर उसके ऊपर कसूरी मेथी या हरा धनिया बुरक दीजिये।
6. गरमा गरम सबको परोसिये।
ये दाल 6 लोगों के लिये काफी होगी, हमने थोडा कम मसाले बतायें हैं। ज्यादा मसालेदार खाने वाले मसालों का अनुपात बड़ा सकते हैं। साथ में आप चाहें तो टमाटर भी फ्राई करने के लिये उपयोग में ला सकते हैं।

टिप्स फ्रोम हैड कुकः प्याज फ्राई करने से पहले उसमें थोडा सा कटा हुआ लहसुन और कटा हुआ अदरक भी डाल कर फ्राई कर लीजिये। इससे दाल में और ज्यादा स्वाद आ जायेगा।
ये हुई ना बात!
अब रिसिपी भी अपनी, फोटो भी अपनी।
इसी तरह का सहयोग चाहिए सभी बन्धुओं से।
लगे रहो तरुण भाई…..
आप उधर से शाकाहार का मोर्चा सम्भालों, हम इधर से ….. (श्श……कोई सुन लेगा)
वाह तरुण जी; ये हुई न हमारे लिये.
वैसे हम बाप -बेटे हफ्ते में एक दिन अपने हाथों से घर की महिलाओं को जरूर खिलाते हैं. (महिलाओं का कहना है कि जितना हमें बनाने में दिक्कत होती है उससे ज्यादा उन्हें खाने में दिक्कत होती है,) आपकी सतरंगी दाल से शायद उनकी ये दिक्कत दूर हो.
वाह वाह तरुण जी,
आपने तो बहुत ही शानदार रेसीपि बतायी हे,ज़रुर ट्राइ करनी पडेगी,
विजुअल्स भी बहुत उमदा हे,बधाई……
वाह तरूण भाई, छा गए। कल ही इस तरह की दाल बनवा के देखते हैं कि कैसी लगती है।
जरुरभाई. अब अमित भाई टाइप तो किस्मत नहीं कि बनवा कर देखें, यहाँ तो बना कर ही देखना पड़ेगी.
प्याज़ को कुरकुरा बनाने के लिए नामक वाली विधि सही है ना ? मैं इसी से परेशान हूँ . मेरी प्याज़ हमेशा ढीली ही रह जाती है .. हाँ , तोड़ा सा अगर खाने वाला सोड़ा पहले ही डाल दिया जाय तो पहिली ही तीन चार सीटी मे काम हो सकता है क्या ? उससे दाल फ़्राई की चौंक की पहली महक क़ायम रहेगी , मैने दोबारा उबाल कर देखा था , महक थोड़ी सी काम हो जाती है फिर मसालों की .. ख़ैर सात रंगो वाली दाल मैं आपकी रसीपी देख कर बना रहा हूँ . सात दाल तो नही हैं लेकिन चार हैं . वही सही .. धन्यवाद इस रेसीपी के लिए .
सतरंगी दाल नहीं जम्बू चाहिये !:(
:(
घुघूती बासूती
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